Haryana : हरियाणा में बिजली निगम के JSE ने खुद कराई थी लूट, पुलिस ने तीनों को आरोपियों को 5,10,000 कैश के साथ किया गिरफ्तार, जानें वजह

Haryana : हरियाणा में सीआईए हिसार और थाना एचटीएम पुलिस की संयुक्त टीम ने सेक्टर 1/4 में हुई ₹5,10,000 की कथित लूट की वारदात का खुलासा करते कर दिया है और इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है आरोपियों की पहचान रोहित निवासी सातरोड खुर्द, वीर उर्फ भरता और अक्षय उर्फ टिंडा के रूप में हुई। आरोपियों से पूछताछ में सामने आया कि शिकायतकर्ता खुद ही लूट की इस वारदात का मास्टरमाइंड था।
जानकारी के मुताबिक, 18 अगस्त 2025 को थाना एचटीएम, हिसार में एक शिकायत दर्ज कराई गई थी। शिकायतकर्ता राहुल, जो बिजली निगम में JSE के पद पर कार्यरत है और सेक्टर-4 हिसार का रहने वाला है। उसने पुलिस को बताया कि वह दोपहर के समय HDFC बैंक (जिंदल चौक) से 5,10,000 रुपये नकद निकालकर अपने पिट्ठू बैग में रखकर एक्टिवा स्कूटी पर घर आ रहा था। इसी दौरान पुल से नीचे सेक्टर क्षेत्र में पीछे से आए तीन मोटरसाइकिल सवार युवकों ने उसकी स्कूटी को रोककर बैग छीन लिया और फरार हो गए।

इस शिकायत पर पुलिस ने तुरंत थाना HTM में सुसंगत धाराओं के तहत अभियोग अंकित कर कार्रवाई शुरू कर दी।
जांच अधिकारी उप-निरीक्षक नेहरा सिंह ने बताया कि मामले की गहन जांच की गई। जांच के दौरान महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगे। जिसके बाद तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया।पुलिस टीम की ओर से आरोपियों से की गई पूछताछ में चौंकाने वाला तथ्य सामने आया। आरोपी ने बताया कि शिकायतकर्ता राहुल ने खुद ही इस वारदात में शामिल था।

इसलिए की थी पूरी प्लानिंग
राहुल ने निगम से ₹5,10,000 का लोन लिया था। लोन चुकाने से बचने के लिए उसने आरोपियों के साथ मिलकर यह नकली लूट की योजना बनाई। योजना के अनुसार राहुल ने बैंक से पैसे निकाले और प्लानिंग के हिसाब से आरोपियों को सौंप दिए। इसके बाद तीनों आरोपियों ने उसे “लूट” दिखाने के लिए बैग छीनकर फरार होने का नाटक किया। इस प्रकार राहुल ने पुलिस को गुमराह कर वारदात को वास्तविक लूट की तरह पेश किया। आरोपी वीर उर्फ भरता शिकायतकर्ता राहुल के मामा का लड़का है।
तीनों आरोपियों को कोर्ट में किया पेश
जांच अधिकारी उप निरीक्षक नेहरा सिंह ने बताया कि पुलिस ने आरोपियों से ₹5,10,000 पूरा कैश और वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल बरामद की गई है। तीनों आरोपियों को अदालत में पेश किया गया। जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।










